रामजन्मभूमि पर होने वाले कार्यो की सूचना वेबसाइट से मिलेगी : चंपत राय

Publish Date: 18 Jun, 2020 07:41 PM   |   Shivalik  

राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की तिथि को लेकर चल रहीं अटकलों पर कुछ समय के लिए विराम लग गया है। कहा गया है कि मंदिर निर्माण से संबंधित कार्य शुरू करने की तिथि देश-काल और परिस्थित पर निर्भर करेगी।

मंदिर निर्माण संबधी कोई भी सूचना सिर्फ वेबसाइट पर ही मिलेगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने यहां गुरुवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि देश-काल, परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए जब उपयुक्त समय आएगा, तब मंदिर निर्माण संबंधी कार्य शुरू होंगे। श्रीराम जन्मभूमि पर निर्माण की अधिकृत सूचना वेबसाइट और ईमेल से मिलेगी। बुधवार से वेबसाइट शुरू की गई है। उसमें सबकुछ उपलब्ध है। केवल सुनी-सुनाई बातों को समाज में देने से बचना चाहिए। इससे भ्रम फैलता है।

उन्होंने बताया कि इस समय कार्यशाला में रखे पत्थरों पर लगी काई की सफाई की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, राम जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर के लिए होने वाले भूमि पूजन में प्रधानमंत्री को वर्चुअल तरीके से शामिल होना था। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की संभावना थी। भूमि पूजन के लिए जुलाई का प्रथम सप्ताह चुना गया था। बताया जा रहा है कि 16 जुलाई को सूर्यदेव के दक्षिणायन होने के बाद यह कार्यक्रम नहीं हो सकता।

चंपत राय ने कहा कि लद्दाख की गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के बीच तनाव को देखते हुए अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन को टाल दिया गया है। देश की परिस्थियों को देखकर आगे आने वाले समय में इसकी नई तारीख घोषित की जाएगी।

उन्होंने सीमा पर शहीद हुए 20 वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "देश गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहा है। देश के सम्मान की रक्षा प्रत्येक नगरिक का कर्तव्य है।"

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक वेबसाइट का संचालन बुधवार से शुरू कर दिया है। ट्रस्ट की वेबसाइट का प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने शुभारंभ किया। इस वेबसाइट में ट्रस्ट के गठन से लेकर राम मंदिर निर्माण की प्रगति का पूरा ब्यौरा अपलोड किया गया है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर सारे अपडेट भी वेबसाइट, फेसबुक पेज और ट्विटर अकाउंट पर ही अपलोड किए जाएंगे। आगे चलकर राम मंदिर की वेबसाइट में भक्तों को रामलला की ऑनलाइन आरती के दर्शन होंगे।