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वार्नर ने बताई सहवाग की भविष्यवाणी, रोहित शर्मा को लेकर भी दिया बड़ा बयान

Publish Date: 02 Dec, 2019 12:09 PM   |   Sandeep  

ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच एडिलेड स्टेडियम खेले जा रहे दूसरे डे-नाईट टेस्ट मैच में 335 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वार्नर ने अपनी इस पारी का श्रेय पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग को दिया है। डेविड वार्नर ने बताया कि वीरेन्द्र सहवाग ने भविष्यवाणी की थी कि वह टी-20 के मुकाबले बेहतर टेस्ट क्रिकेटर बनेंगे।

इसके अलावा वार्नर ने भी एक भविष्यवाणी करते हुए कहा कि वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के 400 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ना संभव है और यह क्षमता रोहित शर्मा में हैं। वार्नर ने यह बयान रविवार को ‘फॉक्स स्पोर्ट्स’ से बातचीत के दौरान दिया।

वॉर्नर ने बताया कि अपने टेस्ट करियर को लेकर वह संशय में थे और भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने उस समय भविष्यवाणी की थी कि वह टी-20 क्रिकेटर की तुलना में बेहतर टेस्ट क्रिकेटर बनेंगे।

वॉर्नर ने कहा कि आईपीएल में दिल्ली के लिए खेलते हुए जब मैं वीरेंद्र सहवाग से मिला तो वह मेरे साथ बैठे और कहा कि मैं टी-20 खिलाड़ी की तुलना में बेहतर टेस्ट खिलाड़ी बनूंगा। मैंने उन्हें कहा कि तुम कैसी बातें कर रहे हो, मैंने काफी प्रथम श्रेणी मैच भी नहीं खेले हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा कहता था कि टीमें स्लिप और गली में क्षेत्ररक्षक खड़ा करती हैं, कवर में जगह खाली होती है, मिडविकेट होता है। मिड ऑफ और मिड ऑन होते हैं, आप तेज शुरुआत कर सकते हो और पूरा दिन खेल सकते हो। यह बात हमेशा मेरे दिमाग में रही, जब हम बातें कर रहे थे तो ये चीजें काफी आसान लग रही थीं।’

पाकिस्तान के खिलाफ पहली पारी में वार्नर ने नाबाद 335 रनों पारी खेली। इस मैच में उनके पास ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका था लेकिन जब वह लारा के रिकॉर्ड से मात्र 65 रन दूर थे तो ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने तीन विकेट पर 589 रनों पर पारी घोषित कर दी। भले ही वह लारा का रिकॉर्ड लोड न सके हों लेकिन उनका मानना है कि 400 रन के आंकड़े को पार करना संभव है और उन्होंने कहा कि रोहित निकट भविष्य में यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

लारा के नाबाद 400 रन टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है, जो उन्होंने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। वॉर्नर ने कहा कि मुझे लगता है कि यह व्यक्तिगत खिलाड़ी पर निर्भर करता है। हमारे यहां बाउंड्री काफी लंबी है, कभी कभी चीजें काफी मुश्किल हो जाती हैं। जब थकान हावी होती है, तो कड़े प्रयास करना और बड़े शॉट खेलना मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने कहा कि अंत में मैंने तेजी लाने के लिए दो रन लेने का प्रयास किया, क्योंकि मैं सोच ही नहीं पा रहा था कि मैं गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा सकता हूं। मुझे लगता है कि अगर मुझे किसी खिलाड़ी का नाम लेना है तो एक दिन रोहित शर्मा ऐसा कर सकता है, निश्चित तौर पर।